Anju Ranjan
Description
अंजु रंजन की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है। इसीलिए हिन्दी के स्वाध्ययन के साथ वे विदेश में भी हिन्दी के प्रचार-प्रसार से जुड़ी हुई हैं। अपने विस्था
...
पन और अपनों से अलगाव के बारे में उनका कहना है : ‘सुनहरे सपने हरेक ग्रामीण की आँखों में होते हैं जब वह पहली बार शहर की ओर रुख़ करता है। भविष्य उस समय स्पष्ट नहीं होता है पर सबकी आँखों में सुनहरी पन्नी में लिपटा जो सपना होता है; वह वर्षों के संघर्ष के बाद बदरंग होता है। बहुत देर से ये बात समझ आती है कि गाँव छूट गया और हम अपने ही देश में विस्थापित हो गये। इस किताब को पढ़ने के बाद सुधी पाठक अंजु रंजन तथा उन जैसे सभी लोगों के विस्थापन की पीड़ा को समझेंगे और अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करेंगे, यही इस किताब का उद्देश्य है।
Read more
Genres
History
Tags
Literary Criticism
Poetry
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Vāṇī Prakāśana
Month-Year
Jul, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789389915945
ISBN-10: 9389915945
Language
Hindi
No. of Pages
350
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?