Suresh Kant
Description
<b>एक था राजा। वह कपड़ों का बहुत शैकीन था। कपड़ों के चक्कर में राजकाज तक में ध्यान नहीं देता था; हालाँकि उसके पास तरह-तरह के कपड़ों का ढेर लगा हुआ था।
...
वह देश-विदेश के प्रसिद्ध दर्जियों को बुलवाकर उनसे कपड़ों के डिजाइनों के बारे में बातें करता रहता। यदि कभी कोई व्यक्ति आकर उसके कपड़ों की प्रशंसा कर देता तो वह उसे खूब पुरस्कार देता। एक बार दूसरे राज्य के दो ठगों को राजा के इस शौक का पता लगा। उन्होंने राजा को ठगने और सबक सिखाने की ठानी। उन्होंने राजा को संदेश भेजा कि वे सोने और हीरे के धागे से कपड़ा तैयार कर उसके लिए एक ऐसी सुंदर पोशाक बना सकते हैं; जिसके बारे में कभी किसी ने सपने में भी न सोचा होगा। किंतु उनकी शर्त थी कि उस अद्भूत पोशाक को कोई मूर्ख या अपने पद के अयोग्य व्यक्ति नहीं देख सकेगा। ‘इसी पुस्तक से’</b>
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Short Stories (single author)
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Aug, 2018
ISBN
ISBN-13: 9789383110926
ISBN-10: 9383110929
Language
Hindi
No. of Pages
68
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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