Ramesh Pokhariyal ‘Nishank’
Description
भारतीयों के प्रत्येक पर्व और त्योहार की नींव किसी ठोस वैज्ञानिक और तार्किक आधार पर रखी गई है। इन सभी पर्वों और त्योहारों की जड़ में कुछ-न-कुछ वैज्ञानि
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क रहस्य अवश्य होता है; जो आत्मशुद्धि और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक होता है।
मनोविज्ञान के पारखी हमारे ऋषि-मुनियों ने तीर्थों-पर्वों की ऐसी व्यवस्था बनाई कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश के कोने-कोेने से लोग इन तीर्थ-पर्वों में आकर अपनी संस्कृति का साक्षात्कार करने के साथ-साथ शांति; सद्भाव और बंधुत्व के एक सूत्र में बँध सकें।
कुंभ पर्व मानव जीवन में आलोक और अंतःचेतना का संचार करनेवाला एक ऐसा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम है; जो राष्ट्रचेतना और अखंडता के साथ ही आध्यात्मिक चेतना का आधार स्तंभ भी है। मानव और मानवता के एकात्म हो जाने का महापर्व है महाकुंभ।
विश्व कल्याण और मानव हितार्थ गोष्ठियों और कार्यशाला के रूप में शुरू हुआ यह क्रम वैदिक काल के पूर्व से चला आ रहा है; वह भी बिना किसी आमंत्रण-निमंत्रण या बिना किसी लोभ-लालच के।
महाकुंभ का माहात्म्य और इसके सांस्कृतिक गौरव का बोध करानेवाली पठनीय पुस्तक।
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Genres
Religion & Spirituality
Tags
Religion
Hinduism
Rituals & Practice
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789353222468
ISBN-10: 935322246X
Language
Hindi
No. of Pages
192
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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