श्री जितेन्द्र बघेल
Description
जब भी विद्यार्थी को 100ः यदि सफल होना है। तो उसकी सफलता के लिए विद्यार्थी जीवन से ही व्यक्ति अपन ेलक्ष्य के प्रति पूर्ण अग्रसर हो जात ेहैं। तभी वे बड़
...
ेहोकर बड़-ेबड़े कार्यांे को अजंाम देते हैं। विद्यार्थी अपनी कक्षा में तभी सफल होता है। जब वह पूर्ण विचार बनाता है की मुझे किस विषय में कितने नम्बर लाना है। व 100ः मे ं से कितन ेः बनाना है। उसी लक्ष्य के साथ वह पढा़ई करता है। इसी लक्ष्य के साथ परीक्षा की तैयारी करता है। इसलिए तो हमार ेजीवन मे ं लक्ष्य ही हमे ंहमारे जीवन मे ंसफलता के द्वार खालेता है। विद्यार्थी का जीवन काल से ही वह अपना लक्ष्य बनान ेलगता है की विद्यार्थी जीवन के बाद मुझे क्या करना है। और क्या नही ंकरना है। क्योंिक अपने लक्ष्य पर पूर्ण विश्वास होना अति आवश्यक हैै।
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Tags
Antiques & Collectibles
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Reading Moods
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Contributors
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Publishing Info
Publisher
Book Rivers
Month-Year
Dec, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789390548002
ISBN-10: 9390548004
Language
Hindi
No. of Pages
54
Format
Paperback
Awards & Recognition
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