Krishna Baldev Vaid
Description
उसका बचपन एक महत्त्वपूर्ण उघैर असाधारण उपन्यास है और अपने शिल्प और शैली के आधार पर हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में गिना जाता है । इसमें एक संवेदनश
...
ील बच्चे के दृष्टिकोण से एक निर्धन परिवार के रोजमर्रा के जीवन और जोखिम को अनेक दृश्य खंडों में उभारा गया है । इसका छोटा सा संसार हमें विचलित भी करता है और एक गहरा आनन्द भी देता यथार्थ से लबालब होते हुए भी यह उपन्यास यथार्थवादी उपन्यासों की कई पुरानी लकीरों के इधर उधर होता हुआ आगे बढ़ता है । इसमें कोई एक कहानी नहीं, कोई बनावटी प्लाट नहीं । इसमें कृष्ण बलदेव वैद ने शब्दों का कहीं अपव्यय नहीं किया, न ही वे अतिभावुकता के शिकार हुए हैं । शिल्पगत आगाही और भाषागत ताजगी के लिहाज से श्री वैद का यह पहला उपन्यास एक आदर्श प्रस्तुत करता है । 1957 में अपने प्रथम प्रकाशन के समय उसका बचपन हिन्दी साहित्य की एक विशिष्ट घटना थी । इस संस्करण से उस घटना की याद ताजा हो जाएगी, ऐसी हमारी आशा है ।
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Genres
No genres specified
Tags
Arborist Merchandising Root
Self Service
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Sep, 2002
ISBN
ISBN-13: 9788126704972
ISBN-10: 8126704977
Language
Hindi
No. of Pages
147
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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