Narender Govind Behl
Description
साहिर लुधियानवी प्रसिद्ध शायर और गीतकार थे। साहिर एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें अगर कलम का शहंशाह कहा जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। साहित्य जगत में साहिर का
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नाम है जिनके लिखे गीत आज भी लोगों के होठों पर बढ़-चढ़कर थिरकते हैं क्योंकि उनके शब्दों के मोहपाश से कोई भी खुद को अलग नहीं कर पाता है।
हिंदी फिल्मों के लिए लिखे उनके गानों में भी उनका व्यक्तित्व झलकता है। उनके गीतों में संजीदगी कुछ इस तरह झलकती है जैसे ये उनके जीवन से जुड़े हों।
वक्त के कागज़ पर अपने जमाने की दास्तान लिखने वाले साहिर ने ताउम्र अपनी तमाम रचनाओं में आधी आबादी के पूरे हक और इज्जत की नुमाइंदगी की। स्त्रियों को लेकर उनकी रचना दृष्टि का फलक बहुत ही व्यापक दिखाई देता है। अपने गानों में कभी वे अपनी महबूबा के जमाल को लफ्जों से बांधते नजर आते हैं, कभी 'मेरे घर आई एक नन्ही परी' लिख कर उस नन्ही बच्ची की सम्मोहक किलकारियां उकेरते हैं तो कभी 'चकला' और 'औरत' जैसी नज्म में उन औरतों की चीखे ढालते हैं जिन्हें समाज की पिछड़ी निगाहें सिर्फ देह के दायरों में बंधा देखने में अभिशप्त है।
दुनिया ने तजुर्बात-ओ-हवादिस की शकल में
जो कुछ मुझे दिया है वोह लौटा रहा हूँ मैं
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Repro India Limited
Month-Year
Apr, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789390960170
ISBN-10: 9390960177
Language
Hindi
No. of Pages
168
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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