M. Hamid Ansari
Description
<b>भारत के उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी एक कुशल राजनयिक; समर्पित शिक्षाविद् तथा प्रखर वक्ता हैं। यह पुस्तक अनेक विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों;
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राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों; सेमिनारों; व्यवसायियों की बैठकों में; पुस्तकों के लोकार्पणों; समारोहों और औपचारिक उद्घाटनों में दिए गए महत्त्वपूर्ण भाषणों का संकलन है। इसमें विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के अनेक जटिल और अनुत्तरित प्रश्न तथा ज्वलंत मुद्दे शामिल हैं। इन भाषणों में राष्ट्रीय कार्यसूची के बहुत व्यापक विषय भी आ गए हैं; और ये भारत की वर्तमान और भविष्य की अवस्थाओं को बनानेवाले मूल तत्त्वों को प्रकट करते हैं। भारतीय लोकतंत्र विशाल है; तो इसकी समस्याएँ भी अधिक संख्या में हैं। भारत का भविष्य उज्ज्वल है; स्वर्णिम है। भारत वैश्विक स्तर पर उभर रहा है और आज पूरे विश्व में इसकी एक विशिष्ट पहचान है। उभरते भारत के समक्ष खड़े कुछ सवालों को भारत के द्वितीय सर्वोच्च नागरिक डॉ. हामिद अंसारी ने देखा-समझा है और अपनी चिंतनपरक लेखनी से इनका समाधान देने का प्रयास किया है।</b>
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Genres
Philosophy
Tags
Philosophy
Political
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789351868019
ISBN-10: 935186801X
Language
Hindi
No. of Pages
360
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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