Dr. Usha Kiran
Description
डॉ. उषा किरण जी कविता के उसी धर्म का निर्वहन करने वाली कवयित्री हैं। उनकी रचनाओं में आधुनिक काव्य-गुणों के निर्वहन के साथ गेयता भी है और संप्रेषशीलता
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भी। तुक, लय, ताल के कैनवास पर रस और अलंकारों से की गई शब्दों की चित्रकारी को डॉ. उषा किरण जी की कविता कहा जा सकता है। वे साहित्य-सरिता में समय की धारा के सापेक्ष भी प्रवाहित होती हैं और के निर्पेक्ष भी।
डॉ. उषा किरण जी की यह ‘तृषा’ साहित्य-सर्जना के किसी भी बिंदु पर वैयक्तिक होकर भी सार्वजनिक हैं। शब्द, शिल्प और संरचना के हर एक आंगन में अनुभूतियों की चित्रकारी हुई है, मगर उनमें लोकमंगल की इच्छा व्याप्त है। उनकी प्रकृति महादेवी वर्मा की तरह स्पष्टतः मानवीयता का चिंत्रांकन है।
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