Dr Kapil Kukreja Megh, Kapil Kukreja "Megh"
Description
मुझे याद है कि बचपन में हम २६ जनवरी और १५ अगस्त का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार किया करते थे, हाथ में तिरंगा लिए, स्कूल में देश भक्ति के गीत गाते हुए और अं
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त में बूंदी के लड्डू लेकर घर लौट आते थे। जैसे-जैसे बड़े हुए, इस तिरंगे के अलग-अलग रूप देखने को मिले, तब महसूस किया की ट्रैफिक सिग्नल पर तिरंगा बेचने वालों के लिए तिरंगा रोजी-रोटी है, किसान के लिए तिरंगा एक अच्छी फसल की ख्वाइश है, अनाथ बच्चे के लिए तिरंगा एक वो सपना है जो उसे एक परिवार देता है, सीमा पे तैनात जवान के लिए तिरंगा वो साहस है जिससे वो दुश्मन के सामने डटकर खड़ा रहता है, खिलाड़ी के लिए तिरंगा देश के लिए मैडल जीतने की आरज़ू है, वैज्ञानिक के लिए तिरंगा वो सभी तकनीकें है जिससे वो देश को आगे बढ़ाना चाहता है।
मेरी ये पुस्तक "तिरंगा क्या है " ऐसे ही अनेकों रंगो को समेटे हुए है और मुझे लगता है की आप भी अपना रंग ढूंढ ही लेंगे, वो रंग जो आपको एक भारतीय होने का गर्व प्रदान करता है। आशा करता हूँ की आपको मेरा यह कविता संग्रह
पसंद आएगा
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