सुमीत कुमार
Description
जब अंत ही शुरुआत बन जाए तो उस वक्त जिंदगी की सारी खुशियां ही वीरान लगने लगती हैं पर अगर वही अंत और शुरुआत प्रेम में पाई जाए तो जिंदगी वीरान की जगह जहर
...
लगने लगती है, दिल अक्सर इश्क में उन्हीं के टूटते हैं जो हद से ज्यादा एक रिश्ते को बचाने के लिए खुद को कुर्बान करने लगते हैं और इसी के वजह से अंत में वो ना रिश्ता बचता है और ना ही इंसान। यह कहानी बनारस की है, वो भी एक ऐसे लड़के की जिसके सपने ही उसके मां-बाप के सपने थे और उसके मां-बाप के सपने ही उसे एक अच्छा इंसान और एक आईपीएस अधिकारी बनते हुए देखना चाहते थे लेकिन इश्क के जहर में वो ऐसा फंसा कि जो जुर्म उसने किया ही नहीं, उसकी भी सजा उसे मिली। अब अनमोल दोस्ती है ये नहीं ये तो वक्त बताएगा पर सायरा जो कि उसकी प्रेमिका है, अनमोल से कई वादे किए अब वो झूठे ये सच्चे पता नहीं पर उसने आखिर अनमोल को फंसाया क्योंकि, जब कि वो जानती है उसके भाई का खून उसने किया ही नहीं है, फिर आखिर क्यों?
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