Himanshu Joshi
Description
प्रसिद्ध कथाकार हिमांशु जोशी की कहानियों में आम आदमी का सतत संघर्ष ही नहीं; आज के समाज का सजीव प्रतिबिंब भी है। इसलिए उनकी कहानियाँ मात्र कहानियाँ ही
...
नहीं; अपने समय का एक प्रामाणिक दस्तावेज भी बन गई हैं।
अनेक धरातलों पर लिखी गई इन विविध रंगी; बहुआयामी कहानियों में गहन मानवीय संवेदनाओं के साथ-साथ एक दृष्टि भी है; अपना एक अलग दृष्टिकोण भी। इतने सरल; सहज ढंग से इन्हें चित्रित किया गया है कि ये कहानियाँ चलचित्र के चलते-फिरते; बोलते दृश्य सी प्रतीत होती हैं।
बनावट और बुनावट का अपना एक अलग महत्त्व होता है; किंतु बनावट और बिना बुनावट के सहज शैली में लिखी इन रचनाओं का अपना विशिष्ट सौंदर्य है। शायद यही सौंदर्यरहित सहज सौंदर्य इन रचनाओं को एक नया आयाम देने में सफल रहा है। कहानी कहानी होते हुए भी कभी कहानी नहीं; सच लगे-इससे बड़ी खूबी और क्या हो सकती है-यही इन रचनाओं की उपलब्धि है।
हिमांशु जोशी ने कहानी लेखन में प्रयोग भी कम नहीं किए। अनजाने प्रदेशों में कथा-तत्त्व को खोज निकालना उनका स्वभाव है। हिमांशु जोशी का यह कहानीसंग्रह अद्भुत वैविध्य लिये है। इतनी विविधता हिंदी कहानी-संग्रहों में कम देखने को मिलती है।
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Genres
No genres specified
Tags
Literary Criticism
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789353224653
ISBN-10: 9353224659
Language
Hindi
No. of Pages
192
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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