KAPIL
Description
<b>तात्या टोपे सन् 1857 के विद्रोह के एक महान् सेनानी थे। वे पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब के यहाँ लिपिक थे। तात्या और नाना बालसखा भी
...
थे। तात्या टोपे अपनी असाधारण वीरता और रण-कौशल के कारण एक सामान्य लिपिक के पद से उठकर नाना साहब की सेना के नायक पद तक पहुँचे । वे मराठा सेनानायकों की कुशल युद्धनीति (छापामार युद्ध-पद्धति) में अत्यंत सिद्ध होने के साथ-साथ शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्ध नीति के भी अप्रतिम सेनानी माने जातेथे। उनके अत्यंत कुशल सैन्य-नेतृत्व का पता इससे भी चलता है कि जिन अंग्रेजों को उन्होंने जीवन भर लोहे के चने चबवाए; वे भी उनके रण-कौशल की प्रशंसा करने से स्वयं को रोक नहीं पाते थे।</b>
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Genres
History
Tags
History
Asia
South
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789386001665
ISBN-10: 9386001667
Language
Hindi
No. of Pages
16
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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