Shivani
Description
कथाकार और उपन्याकार के रूप में शिवानी की लेखनी ने स्तरीयता और लोकप्रियता की खाई को पाटते हुए एक नई जमीं बनाईं थी जहाँ हर वर्ग और हर रुचि के पाठक सहज भ
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ाव से विचरण कर सकते थे ! उन्होंने मानवीय संवेदनाओं और सम्बंधगत भावनाओं की इतने बारीक और महीन ढंग से पुनर्रचना की कि वे अपने समय में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले लेखकों में एक होकर रहीं ! कहानी, उपन्यास के अलावा शिवानी ने संमरण और रेखाचित्र आदि विधाओं में भी बराबर लेखन किया ! अपने संपर्क में आए व्यक्तियों को उन्होंने करीब से देखा, कभी लेखक की निगाह से तो कभी मनुष्य की निगाह से, और इस तरह उनके भरे-पूरे चित्रों को शब्दों में उकेरा और कलाकृति बना दिया ! इस पुस्तक में शिवानी की आत्म्वृत्तामक पुस्तक सुनहु तात यह अकथ कहानी और सोने दे शीर्षक के लेख शामिल हैं ! आशा है, शिवानी के कथा-साहित्य के पाठकों को उनकी ये रचनाएँ भी पसंद आएँगी !
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