Caturasena (Acharya)
Description
जानवरों और दमियों का खून तो निर्वय जन करते ती रहते हैं, फान्तु एक नक का खून भयानक घटना है। अंग्रेजी फौज ने बार में पुसते ही फल और लूटमार शुদ্ধ জন ती।
...
जो कोई सामने अाबिक उसे गोली मार दी गई में आग लगा की गई। दिल्ली के अधिकांश निवासी जो भाग सकते में भाग गए। शहर सानी हो गया बहुत-से शाहजादे और शकली खानदान को लोग सेना को साथ भाग रहे थे। पर जो विश् के बास-पास मिले ने चुभ-पुनकर गार वाले गए। कुनै लंगड़े, बीमार सभी फॉमी पर लटकाए जा रहे थे। अगर के जानवार राजा नरसिंह पारुनगर के अहम अतीर को विभिन्न तिथियों में चांसी पर लटका विधा समा। जिस दिन दून रईसों को भी उस दिन हर के राथ परवाने बन्द कर दिए जाते थे। सेना की एक कम्पनी हुई कोतवाली के सामने फौती यो पाल आमर सही हो जाती थी। इसके बाद अभागे दो को अपनानपूर्वक जाला भा और फाँसी पर लटका दिया जाता था।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Literature & Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Repro India Limited
Month-Year
Feb, 2025
ISBN
ISBN-13: 9789356825178
ISBN-10: 9356825173
Language
Hindi
No. of Pages
350
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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