Ed. Prem Kishore Patakha
Description
श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य गीत केवल हँसी का संग्रह नहीं, यह समाज की विडंबनाओं पर करारी चोट है—एक ऐसा दर्पण जिसमें हम अपनी ही छवि को मुस्कुराते हुए देख सकते
...
हैं।
प्रेम किशोर पटाखा द्वारा संपादित इस अनूठे संग्रह में देश के ख्यातिप्राप्त कवियों की चुनिंदा हास्य-व्यंग्य रचनाएँ संकलित हैं, जो पाठक को न केवल हँसाती हैं, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करती हैं।
इन गीतों में जहां हास्य है, वहीं चुभता हुआ व्यंग्य भी है, जो राजनीति, सामाजिक व्यवस्था, मानवीय दुर्बलताओं और आमजन की पीड़ा को चुटीले अंदाज़ में उजागर करता है।
श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य गीत में प्रत्येक रचना पाठक के भीतर विनोदबुद्धि के साथ-साथ समाजबोध भी जाग्रत करती है—ठेठ देशज भाषा, लयात्मक शैली और व्यंग्यात्मक तीखापन इसे अत्यंत प्रभावशाली बनाते हैं।
यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो हास्य में बुद्धिमत्ता और व्यंग्य में सत्य को पहचानते हैं, और जो कविता को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का औजार मानते हैं।
श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य गीत एक ऐसी पठनीय थाली है, जिसमें व्यंग्य का तड़का, हास्य की मिठास और यथार्थ का स्वाद एक साथ परोसा गया है।
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