Swami Mukundananda
Description
व्यक्तिगत विकास और जीवन का कायापलट इतना कठिन क्]यों है ? क्या सृष्टि चाहती है कि हम विफल हो जाएँ? बिल्कुल नहीं इस ब्रह्मांड की अद्भुत योजना के पीछे का
...
उद्देश्य हमें सफल बनाना ही है। संसार के विधानों के प्रति हमारी अज्ञानता ही रुकावटें खड़ी करती है । जिस प्रकार भौतिक घटना विधानों से बँधी होती है, उसी प्रकार जीवन- यात्रा को नियंत्रित करने के लिए आध्यात्मिक विधान होते हैं। उनकी जानकारी से हम समझ पाते हैं कि कुछ लोग इतनी आसानी से सफल कैसे हो जाते हैं, जबकि दूसरों के लिए सफलता एक संघर्ष बनी रहती है। क्यों कुछ लोग जूते के फीते ही बाँधते रह जाते हैं, जबकि दूसरे दौड़ पूरी कर लेते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि प्रकृति के भौतिक विधानों के समान, जीवन में प्रसन्]नता और संतुष्टि को नियंत्रित करनेवाले डिवाइन लॉज़ भी सदा मान्य रहते हैं । इस पुस्तक में प्रसिद्ध आध्यात्मिक विभूति स्वामी मुकुंदानंद ने 7 डिवाइन लॉज़ को आसानी से समझ में आनेवाले तरीके से बताया है--वैदिक रचनाओं के ज्ञान और गुदगुदानेवाली उन कहानियों के साथ, जिन्हें हम सभी अपने साथ जोड़ सकते हैं । यह पुस्तक आपको अपना सबसे अच्छा संस्करण बनने की शक्ति देगी ।
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Genres
Biography & Memoir
Tags
Biography & Autobiography
Adventurers & Explorers
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
PRABHAT PRAKASHAN PVT Limited
Month-Year
May, 2022
ISBN
ISBN-13: 9789355210159
ISBN-10: 9355210159
Language
Hindi
No. of Pages
192
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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