Mahesh Sharma
Description
शिष्ट + आचार = शिष्टाचार— अर्थात् विनम्रतापूर्ण एवं शालीनतापूर्ण आचरण । शिष्टाचार वह आभूषण है जो मनुष्य को आदर व सम्मान दिलाता है । शिष्टाचार ही म
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नुष्य को मनुष्य बनाता है; अन्यथा अशिष्ट मनुष्य तो पशु की श्रेणी में गिना जाता है ।
शिष्टाचार का हमारे जीवन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है । कहने को तो शिष्टाचार की बातें छोटी-छोटी होती हैं; लेकिन बहुत महत्वपूर्ण होती हैं । व्यक्ति अपने शिष्ट आचरण से सबका स्नेह और आदर पाता है । मानव होने के नाते प्रत्येक व्यक्ति को शिष्टाचार का आभूषण अवश्य धारण करना चाहिए ।
विद्वान् लेखक ने इस पुस्तक में शिष्टाचार के विविध पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला है । इसमें घर में शिष्टाचार; मित्रों से शिष्टाचार; आस-पड़ोस में शिष्टाचार; उत्सव-समारोह में शिष्टाचार; खान-पान एवं मेजबानी के समय शिष्टाचार; बातचीत तथा पत्र-लेखन में शिष्टाचार आदि अनेक शीर्षकों के माध्यम से विषय को स्पष्टता के साथ समझाया गया है ।
आशा है; पाठकगण इस उपयोगी और प्रेरक पुस्तक का अध्ययन कर शिष्टाचार की आवश्यकता को समझकर; उसका अनुकरण व अनुसरण कर अपने जीवन को सुखमय एवं व्यक्तित्व को सफल-सार्थक बना सकेंगे ।
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Genres
Self-Help & Personal Development
Tags
Self-Help
Personal Growth
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789383110520
ISBN-10: 938311052X
Language
Hindi
No. of Pages
104
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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