Shyam Sunder Dubey
Description
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के शिक्षा एवं समाज– वैज्ञानिक प्रो– श्यामाचरण दुबे की इस पुस्तक में शिक्षा, परंपरा और विकास के अंतर्सम्बन्धों पर चै
...
दह महत्त्वपूर्ण निबंध शामिल हैं । इनमें तीसरी दुनिया के शैक्षिक परिदृश्य का समाजशास्त्रीय दृृष्टि से सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है । प्रो– दुबे की यह पुस्तक वैकल्पिक भविष्य के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर जो स्थापनाएँ प्रस्तुत करती है, वे निश्चय ही मौलिक और प्रभावशाली हैं । इसके अतिरिक्त यह कृति भारतीय शिक्षा–व्यवस्था पर भी लेखक की पैनी नजर से परिचित कराती है । इस संदर्भ में सुधार की दिशा में जो दिशा–निर्देश दिए गए हैं, उनकी प्रासंगिकता भी निर्विवाद है । कहने की आवश्यकता नहीं कि प्रो– दुबे की यह कृति सम्बद्ध विषय का पूरी गम्भीरता और गहराई से विश्लेषण करती है ।
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Genres
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Tags
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Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Sep, 2000
ISBN
ISBN-13: 9788171195459
ISBN-10: 8171195458
Language
Hindi
No. of Pages
131
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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