Sanjay Tripathi
Description
जहाँ गंगा उत्तर भारत कि प्यास बुझाती है, वहीं नर्मदा मध्यभारत को तृप्त करती है। नर्मदा का जन्म आज से चार करोड़ वर्ष पूर्व हुआ था। यह वह काल था जब धरती
...
पर हिमालय का अस्तित्व भी नहीं था। सतपुड़ा और विन्ध्यांचल पर्वत श्रृंखला के बीच बहती नर्मदा ने अपनी गोद में कई सभ्यताओं को पाला है। सदियों से ऋषियों के जप तप ने यहाँ गॉड पार्टिकल्स बढ़ा दिए, जिन्होंनं नर्मदा को चमत्कारी बना दिया। किन्तु शंकर की यह बेटी नदी से देवी व देवी से माँ बनने के बावजूद भी एक अतृप्त धारा क्यों है ...? इन्ही अनसुलझे रहस्मय सवालों के जवाब खोजने का प्रयास इस किताब मे किया गया है।
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Genres
Literary Fiction
Historical Fiction
Tags
Fiction
Historical
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Shrihind Publications Pvt Ltd
Month-Year
Oct, 2020
ISBN
ISBN-13: 9788194792529
ISBN-10: 8194792525
Language
Hindi
No. of Pages
326
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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