Gunakar Muley
Description
सूर्य ! हमारी आकाश–गंगा के करीब 150 अरब तारों में से एक सामान्य तारा !–––फिर भी कितना विराट, कितना तेजस्वी और कितना जीवनदायी !–––लेकिन किसी भी आकाश–गं
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गा में अकेला नहीं होता कोई तारा अथवा कोई सूर्य । एक परिवार होता है उसका–कई सदस्योंवाला एक परिवार, और इसे ही कहा जाता है सौर–मंडल । हमारे सूर्य का भी एक मंडल है, जिसके छोटे–बड़े सदस्यों की कुल संख्या है नौ । सदस्य, यानी कि ग्रह । इस प्रकार हमारे सौर–मंडल में नौ ग्रह शामिल हैं, अर्थात, बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेपच्यून और प्लूटो । सौर–मंडल में स्थित इन ग्रहों के अपने–अपने उपग्रह भी हैंय उपग्रह, जैसे चंद्रमा, जो कि हमारी पृथ्वी का उपग्रह है । कुछ ग्रहों के उपग्रहों की संख्या एकाधिक है, जैसे बृहस्पति 16 उपग्रहों का स्वामी है । सूर्य के परिवार में अभी तक करीब 60 उपग्रह खोजे जा चुके हैं । संक्षेप में कहें तो अत्यंत विलक्षण है हमारा सौर–मंडल और रोचक है उसका यह अध्ययन । विज्ञान–विषयक लेखकों में अपनी शोधपूर्ण जानकारियों और सरल भाषा–शैली के लिए समादृत गुणाकर मुले की यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी सामग्री सँजोए हुए है । पूरी पुस्तक को 15 अध्यायों में बाँटा गया है और परिशिष्ट में कुछ विशिष्ट पैमाने और ग्रहों के बारे में कुछ प्रमुख आँकड़े भी हैं । सूर्य, सौर–मंडल तथा ग्रह–संबंधी ज्योतिष–ज्ञान के अलावा लेखक ने हर ग्रह पर अलग–अलग अध्यायों की रचना की है । धूमकेतुओं और उल्कापिंडों पर अलग से विचार किया है । साथ ही सौर–मंडल के जन्म और ग्रहों पर संभावित जीवन के शोध–निष्कर्षों से भी पाठकों को परिचित कराया है । इस प्रकार अंतरिक्ष–यात्राओं के इस युग में यह पुस्तक प्रथम सोपान की तरह है, क्योंकि अंतरिक्ष–अनुसंधान और यात्राओं का लक्ष्य अभी तक तो प्रमुखत% अपना ही सौर–मंडल है ।
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