PRAMOD KUMAR PANDEY
Description
यह पुस्तक जीवन के परम और अटल सत्य "मृत्यु" के उपरांत जहाँ मानव के भौगोलिक शरीर का अंत होता है जिसे हम श्मशान कहते हैं उस पर लिखा काव्य - सृजन है।
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ीवन पर्यन्त सिर्फ पाने की लालसा रखने वाले इंसान के जीवन - संघर्ष, मानव - मूल्य, भौतिकता - नैतिकता, राग - द्वेष, छल - प्रपंच, आशक्ति - विरक्ति के नए आयामों को प्रतिस्थापित करता हुआ यह काव्य - सृजन "सत्य ज्ञान श्मशान" आप सभी को समर्पित है।
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