संपादक दीपक क्रांति
Description
स्त्री तेरी कहानी... एक ऐसा काव्य संग्रह, जिसमें स्त्री के अनेक रूपों को दर्शाया गया है...क्योंकि कहीं भी स्त्री के सारे रूपों को दर्शा पाना सोचातीत ह
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ै, अकल्पनीय है, स्त्री को समझ पाना, उसे शब्दों में पूर्ण रूप से व्यक्त कर पाना शायद स्त्री के लिए भी पूर्ण संभव नहीं, क्योंकि धरती के सबसे बड़े बुद्धिमान पुरुष माने जानेवाले आचार्य चाणक्य ने कहा है :-
*स्त्रीणां दि्वगुण आहारो बुदि्धस्तासां चतुर्गुणा।*
*साहसं षड्गुणं चैव कामोष्टगुण उच्यते।।*
चाणक्य इस श्लोक में महिलाओं के चार गुणों के बारे में बताते हैं जिनमें वो पुरुषों से कहीं ज्यादा आगे होती हैं. 'स्त्रीणां दि्वगुण आहारो' यानी चाणक्य के मुताबिक महिलाएं पुरुषों से ज्यादा खाना खाती हैं. कहा जाता है कि महिलाओं की शरीर की बनावट कुछ ऐसी है कि उन्हें पुरुषों से ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. चाणक्य कहते हैं कि महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले दोगुना भूख लगती है.
चाणक्य के मुताबिक महिलाओं में बुद्धि पुरुषों के मुकाबले तेज काम करती है. पुरुषों के मुकाबले वो ज्यादा चालाक और समझदार होती हैं. जीवन की कठिनाईयों को वो अपनी चालाकी से आसानी से पार कर लेती हैं.
अतः उस स्त्री शक्ति को नमन करते हुए मैं संपादक दीपक क्रांति, प्रधान संपादक श्री सागर यादव ज़ख़्मी को इस अप्रतिम नायाब ईबुक राष्ट्रीय साझा संग्रह के सफल प्रकाशन हेतु बारम्बार साधुवाद देता हूँ.. साथ ही इस संग्रह में प्रकाशित सभी रचनाकारों को कोटिशः बधाइयाँ देता हूँ....
दीपक क्रांति, सम्पादक : स्त्री तेरी कहानी
प्रधान संपादक : सागर यादव 'ज़ख़्मी'
इंक़लाब पत्रिका, मुंबई
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