Dr. Pramod Kumar Agrawal
Description
यह कृति सनातन धर्म और ईसाई धर्म की स्वतेन रूप से, साथ ही तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। पहली बार वेदों से सनातन धर्म की अवधारणा को स्पष्ट किया ग
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या है। वास्तव में, हिन्दू धर्म और ईसाई धर्म में कई तत्त्व समान हैं। कृति में हिन्दू धर्म की आंतरिक विविधता के साथ-साथ हिन्दू और ईसाई धर्म में भिन्नताओं एवं समानताओं को भी दर्शाया गया है। यह कृति हिन्दू धर्म और ईसाई धर्म के बीच सार्नजस्य और एकता स्थापित करने में एक नील का पत्थर सिद्ध होगी। लेखक ने इसमें गागर में सागर भर दिया है। आशा है कि इस कृति का सभी वर्गों, पाठकों, शोधार्थियों और आध्यात्मिक मठाधीशो द्वारा स्वागत किया जादू]गा यह भी अपेक्षित है कि सरकारें और विश्वविद्यालय इस प्रकार के साहित्य को विभिन्न पाठ्यक्रमों में शामिल करके भारत में सांप्रदायिक एकता के लिए महत्त्वपूर्ण योगदान देंगे।
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