Prof. Braj Kishore Kuthiala
Description
वर्तमान में भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं दर्शन की उपयोगिता को समस्त संसार स्वीकार कर रहा है और भारतीय मनीषा को आधुनिक संदर्भों में सरलता से प्रस्तुत कर
...
ने का महत्त्वपूर्ण कार्य विद्वानों से अपेक्षित है। संचार विज्ञान एवं मीडिया के संदर्भ में भारतीय सोच एवं दृष्टि पर गिने-चुने विद्वानों ने ही लिखा है। संचारविज्ञानी प्रो. बृज किशोर कुठियाला किसी भी समाज में संचार को आधारभूत एवं सहज गतिविधि मानते हैं और वे समाज-केंद्रित व समाज हितैषी मीडिया के पक्षधर हैं। उनके लेख भारतीय पौराणिक ग्रंथों का संदर्भ लेकर आधुनिक संचार माध्यमों को न केवल नई दृष्टि प्रदान करते हैं बल्कि मीडिया और समाज के बीच के संबंधों को नए संदर्भों में पुनर्भाषित करते हैं। मीडिया के लिए नूतन आदर्शों की रूपरेखा तैयार करते हुए ये लेख मानव उत्थान एवं सनातन सरोकारों की बात करते हैं। पुस्तक में रामायण, महाभारत, भगवद्गीता, उपनिषद, पुराण, स्मृतियों एवं लोक जीवन के विभिन्न चरित्रों, श्लोकों, घटनाओं इत्यादि की आधुनिक संदर्भों में सरल व्याख्या की गई है। विस्तृत साक्षात्कार समकालीन विषयों पर उनके प्रेरक विचारों को जानने का अवसर प्रदान करता है। इस संग्रह के सारगर्भित लेख मीडिया शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं उन सभी पाठकों के लिये उपयोगी व रोचक साबित होंगे जिनकी भारतीय सोच में रुचि है।
Read more