Dr. Sanjay Pankaj
Description
<b>कथा साहित्य के अंतर्गत कानन; अपर्णा; लीला कमल; बाँसों का झुरमुट तथा नाट्य-साहित्य के अंतर्गत अशोक वन; सत्यकाम; जिंदगी; आदमी; प्रतिध्वनि; देवी; नील
...
झील आदि कृतियाँ जानकीवल्लभ शास्त्री के रचनाकार के उस प्रबुद्ध-सिद्ध गद्यकार पक्ष को उजागर करती है; जो अनेक कवियों के लिए एक कसौटी है। शास्त्रीजी का संस्मरण-साहित्य हिंदी साहित्य की वह अमूल्य निधि है; जिसके बीच से नहीं गुजरना एक सहज-सरल सारगर्भित भाव-निधि से वंचित रह जाना है। स्मृति के वातायन; निराला के पत्र; नाट्य-सम्राट् श्री पृथ्वीराज कपूर; हंसबलाका; कमर्क्षेत्रे: मरुक्षेत्रे; एक असाहित्यिक की डायरी और अष्टपदी आदि संस्मरण-साहित्य शास्त्रीजी का वैयक्तिक राग नहीं; जीवन का विराट् संदर्भ तथा चिंतन-मनन का संवेदनात्मक वह आरोह-अवरोह है; जिसमें पाठक स्वयं को आंतरिक और बाह्य रूपों में देख-समझ और जान सकता है। वैयक्तिक संदर्भों तथा अनुभूतियों को भी शास्त्रीजी ने जिस कुशलता से साहित्य बना दिया है; यह उनके चिंतनशील; मननशील एवं संवेदनशील सर्जक व्यक्तित्व की अन्यतम उपलब्धि है। आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री एक सजग; अनुरागी; पारदर्शी और सूक्ष्मदर्शी विश्लेषक-आलोचक भी हैं। इनके समीक्षा-साहित्य रचनात्मक; क्रियाशील और मूल्यांकनपरक विद्वान् आचार्य का साक्षात्कार कराता है। वैसे इनकी आलोचना महज आलोचना नहीं; रचनात्मक-आलोचना है।</b>
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Genres
Religion & Spirituality
Tags
Holidays
Religion
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2014
ISBN
ISBN-13: 9789350485606
ISBN-10: 9350485605
Language
Hindi
No. of Pages
255
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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