Kailash Chandra Yadav
Description
अभी तक आपने मेरे गीत संग्रहों को पुस्तक के रूप में पढ़ा होगा। मेरा एक नया प्रयास है कि आधुनिकता के दौर में कुछ नया किया जाये। अतः मैंने वर्ष 2019 के प
...
्रारम्भ से प्रतिदिन एक गीत एक पोस्ट के रूप में face book/WhatsApp के अनेक ग्रुपों में भेजने का निर्णय लिया। इसका प्रारम्भ फे़सबुक के काव्यान्चल ग्रुप के माध्यम से हुआ। जिसके 23000 से अधिक सदस्य हैं। मेरी पोस्ट पर काव्यान्चल ग्रुप के सदस्यों के लाइक व कमेन्ट मिलने लगे और मुझे अच्छा लगा। धीरे-धीरे यह प्रयास बढ़ता गया। आज यह प्रयास चलते-चलते मेरी पोस्ट का प्रेषण 150 से अधिक ग्रुपों में हो रहा है। सभी ग्रुपों के सदस्यों की संख्या की गणना की जाये तो ये करोड़ का भी आंकड़ा पार कर जाती है। वर्तमान में देश-विदेश के अनेकों फे़सबुक मित्रों के like/comments मुझे मिलते रहते हैं जो कि मेरे प्रेरणास्रोत हैं। वर्ष 2019 में लगभग 365 गीत करोड़ों पाठकों तक पहुँच चुके हैं। यही मेरा गीत संग्रह "साजन मेरे साजन'' है। आशा है आप सभी को मेरा यह प्रयास पसन्द आयेगा। आपकी स्नेहिल प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।—कैलाश चन्द्र यादव "गीतकार".
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Genres
Literary Fiction
Tags
Literature & Fiction
Arborist Merchandising Root
Self Service
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Anybook
Month-Year
Jan, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789386619617
ISBN-10: 938661961X
Language
Hindi
No. of Pages
338
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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