Dr Lalita Agashe
Description
सहकारात्मक शिक्षण(सहयोगी शिक्षा) का उचित प्रयोग प्रत्येक अध्येता-अध्यापक के लिये बहुत आनंदभरा, अर्थपूर्ण और फलदायी होता है और कडी स्पर्धा में टिकने का
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सामर्थ्य देता है. ज्ञानसंरचनावाद, नवनिर्माण, समावेशित शिक्षा आदि का एक आवश्यक विश्वमान्य अध्यापन मार्ग – लेखक ललिताजी का इस विषय का अध्यापन, अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक कार्य का प्रदीर्घ अनुभव और प्रेम - सरल भाषा – इस पद्धति के विभिन्न तंत्रमंत्र, तत्त्व, भारतीय रूप - आज की तथा प्रस्तावित शिक्षा नीति के प्रधान बिंदु – शिक्षाक्षेत्र से जुडे सेवारत-सेवापूर्व अध्यापक, कर्मी, विद्वान, नीतिज्ञ, अभिभावक इनके दैनंदिन तथा संदर्भ कार्य में आवश्यक पुस्तक
A book on cooperative-collaborative learning in simple Hindi with Indian context, based on author’s long experience of teaching, training and research.
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