Vishwanathprasad Tiwari
Description
विश्वनाथप्रसाद तिवारी की कविताओं का यह छठा संग्रह है जिसमें एक दशक की कविताएँ संकलित हैं। इसमें संवेदनशील कवि भाव और विचार के अनेक स्तरों का स्पर्श कर
...
ते हुए अस्तित्व के दोनों छोरों पर पहुँचता है जहाँ गहन आसक्ति और तीव्र अनासक्ति की लहरें महसूस की जा सकती हैं। संघर्ष तथा राग और विराग की इन कविताओं में जीवन के जलते सच का साक्षात्कार जितना प्रत्यक्ष है, जीवन की नश्वरता और उसके मिथ्यात्व का बोध भी उतना ही स्वाभाविक। आत्मविश्लेषण और आत्ममन्थन से निकली पंक्तियाँ कहीं सूक्तियों जैसी लगती हैं। सहजता तिवारी जी की कविताओं की विशिष्टता है। और उनके पारदर्शी व्यक्तित्व की भी। सहज होना जितना कठिन है. सहज कविता लिखना उतना ही मुश्किल। परिचित शब्दों में गहनतम अभिव्यक्तियों के लिए तिवारी जी की कविताएँ रेखांकित और स्मरण की जायेंगी।
Read more
Genres
History
Middle Grade
Tags
Juvenile Fiction
Poetry
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Vani Prakashan
Month-Year
Oct, 2019
ISBN
ISBN-13: 9789389563078
ISBN-10: 9389563070
Language
Hindi
No. of Pages
92
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?