Asghar Wajahat
Description
लगातार बदल रहे जीवन और इसकी तीव्र परिवर्तनशीलता का अक्स है ‘सात आसमान’, अपने आप में चार सौ सालों की कहानी समेटे। यह कहानी है एक ही परिवार की। यह कहानी
...
है जीवन के करवट बदलने की क्षमता की। विभिन्न काल-खंडों में जीवन विभिन्न साँचों में किस तरह ढलता जाता है उसे दर्शाते हुए ‘सात आसमान’ भारत के कई युगों को उद्घाटित करता है। प्रत्येक युग के सरोकारों को समझते-समझाते हुए यह उपन्यास अपने सम्पूर्ण विस्तार में न तो किसी को गौरवान्ति करता है और न ही किसी के पतन पर अट्टहास करता है। चार सौ सालों की दास्तान कहनेवाले इस उपन्यास में अतीत के सम्मोहन से मुक्त लेखक द्रष्टा भाव से जिसे जहाँ जैसा देखता है उसे वहाँ वैसा ही चित्रित करता है। उपन्यास के तमाम ज्ञात और मान्य रचना-प्रक्रिया से अलग शिल्प और शैली का अनूठापन लेकर उपस्थित हुआ है - ‘सात आसमान’। इसमें पात्रों को गति देने के लिए लेखक ने जहाँ निजी अनुभवों का सहारा लिया है वहीं इतिहास से जुड़ने में भी कोई गुरेज नहीं किया है जिसके कारण यह उपन्यास दृष्टि-सम्पन्न होकर पाठकों के सामने आया है। यह यथार्थ को उसकी समग्रता और गतिशीलता के साथ पकड़ता है और सांस्कृतिक विकास के बिन्दुओं से ठमकता हुआ बढ़ता है - ऐसे कि बरक्स इसकी सराहना के स्वर मुखर हो जाते हैं।
Read more
Genres
No genres specified
Tags
No tags specified
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Jan, 1996
ISBN
ISBN-13: 9788171785179
ISBN-10: 8171785174
Language
Hindi
No. of Pages
252
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?