Ravindra Nath Tagore
Description
पुलिस ने आकर जोरों से तहकीकात करनी शुरू कर दी। आस-पास के लगभग सभी लोगों के मन में यह बात घर कर गई थी कि चंदा ने ही जिठानी की हत्या की है। सभी गाँववालो
...
ं के बयानों से ऐसा ही सिद्ध हुआ।
पुलिस की ओर से चंदा से जब पूछा गया तो उसने कहा; ‘‘हाँ; मैंने ही खून किया है।’’
‘‘क्यों खून किया?’’
‘‘मुझसे वह डाह रखती थी।’’
‘‘कोई झगड़ा हुआ था?’’
‘‘नहीं।’’
‘‘वह तुम्हें पहले मारने आई थी?’’
‘‘नहीं।’’
‘‘तुम पर किसी किस्म का अत्याचार किया था?’’
‘‘नहीं।’’
इस प्रकार का उत्तर सुनकर सब देखते रह गए।
छदामी एकदम घबरा गया। बोला; ‘‘यह ठीक नहीं कह रही है। पहले बड़ी बहू...’’
-इसी पुस्तक से
नोबेल पुस्कार विजेता; विश्व-प्रसिद्ध साहित्यकार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों से चुनी नई श्रेष्ठ कहानियों का संग्रह। आशा है; पाठक इन कहानियों के माध्यम से गुरुदेव के कहानीकार रूप का दिग्दर्शन कर सकेंगे।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Christian
Literary Criticism
Classics
European
German
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789380823362
ISBN-10: 9380823363
Language
Hindi
No. of Pages
160
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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