आशीष राजपूत
Description
कवि मित्रों और पाठकों! भारतीय युवाओं और विद्यार्थियों को मेरे खण्ड काव्यों का यह तृतीय काव्य खण्ड ' राष्ट्र - भाव ' पूर्ण रूप से समर्पित है। इस खण्ड क
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ाव्य में मैंने भारत के युवाओं की वर्तमान स्थिति को दर्शाने का पूर्ण प्रयास किया है।
यह खण्ड काव्य ' राष्ट्र - भाव ' जो विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को चिन्हित करते हुए व्यक्त किया गया है मैं वह प्रस्तुत कर रहा हूं।
इन पंक्तियों का रंजन करने से पूर्व आपको यह सूचित किया जाता है कि इस काव्य खण्ड में जो भी भाव व्यक्त किया गया है वह कवि की निजी भावनाओं से संबंधित हैं अतः यह पूर्णतः आप पर ही निर्भर करेगा कि आप कवि द्वारा रचित इस खण्ड काव्य के रंजन में रुचि रखते हैं या नहीं।
और इस काव्य खण्ड ' राष्ट्र - भाव ' से संबद्ध सभी खण्ड एकत्र कर एक अन्य स्पष्ट पाठ सहित पुस्तक हिंदी भाषा के क्लिष्ट और सरल शब्दों को परिभाषित करते हुए प्रकाशित की जाएगी; जिससे आप भी हिंदी भाषा को और अपने हिंदी वक्तव्य को मनोवैज्ञानिक ढंग से शिक्षित कर सकेंगे।
- आशीष राजपूत ( लखनऊ )
https://twitter.com/YuvaanAshish
अश्विन मासे कृष्ण प्रतिपदा, विक्रम संवत २०७७
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