Ashish Jaiswal
Description
हम अक्सर सोचते हैं- ‘आधी आबादी’ को अखिर क्या चाहिए? उनके क्या सपने हैं? शायद बस इतना ही कि वो जैसी हैं, उस रूप में रहें और उन्हें स्त्री से पहले एक मन
...
ुष्य के रूप में देखा जाये। यह पुस्तक एक पुल है जिसे पार करने पर आपको एहसास होगा कि स्त्री ने प्राचीन काल से अब तक कितनी यात्रा तय कर ली है और कितनी बाकी है। हिंदी साहित्यकार महादेवी वर्मा के शब्दों में कहें तो कह सकते हैं कि-
हमें न जय चाहिए, न किसी से पराजय न किसी पर प्रभुता चाहिए, न किसी का प्रभुत्व। केवल अपना वह स्थान, वह स्वत्व चाहिए जिनका पुरुषों के निकट कोई उपयोग नहीं है, परन्तु जिनके बिना हम समाज का उपयोगी अंग बन नहीं सकेंगी।
उम्मीद है यह पुस्तक पाठकों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।
Read more
Genres
Religion & Spirituality
Tags
Religion
CHRISTIAN LIFE
Women's Issues
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhakar Prakashan Private Limited
Month-Year
Dec, 2020
ISBN
ISBN-13: 9788194926160
ISBN-10: 8194926165
Language
Hindi
No. of Pages
156
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?