Rambhajan Patel
Description
रायगढ़ छत्तीसगढ़ निवासी प्रबुद्ध रचनाकार श्री रामभजन पटेल का यह चौथा काव्य संग्रह है जिसे उत्कर्ष प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है इससे पूर्व समारंभ
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काव्य संग्रह, छत्तीसगढ़ मैया के अंचरा काव्य संग्रह और रामभजन छन्दमाला भाग एक उत्कर्ष प्रकाशन से प्रकाशित हो चुके हैं ..प्रस्तुत संग्रह रामभजन छन्दमाला भाग एक का ही परिवर्धित संस्करण है जिसे रामभजन छन्दमाला भाग 2 नाम दिया गया है ...इसकी विशिष्ट विशेषता यह है कि यह भी छन्दों के बाहुल्य से युक्त है। कुण्डलिया, सोरठा, रोला, चैपाई, छप्पय, सवैया, मत्तगयद, सुन्दरी, गीतिका, हरिगीतिका, मालिनी, मन्दाक्रान्ता, उल्लाला, बरवै, छंद, हाइकु सहित अन्य अनेक छन्दों की मनोहारी छटा दृष्टव्य है। विशेष उल्लेखनीय यह है कि कवि ने जिस भी छन्द में अपनी बातों को निबद्ध किया उस छन्द के बारे में सर्वप्रथम लक्षण बताया है तत्पश्चात प्रयोग के स्तर पर उसमें कथ्य को परिश्रमपूर्वक पिरोया है। कवि की यह विशेषता रीतिकालीन आचार्यत्व का स्मरण दिलाती है। निसंदेह यह पुस्तक भी पाठकों को अवश्य पसंद आएगी ...
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