Rajnath Tiwari
Description
पुस्तक"राही नीर गिराना मत"के पृष्ठ भाग पर निम्न वाक्यों को लिखा जाए।
कविता मात्र नख-शिख वर्णन नहीं है।कविता में राष्ट्र धर्म की अनुगूँज,अतीत का ज्ञा
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न,वर्तमान का पर्यवेक्षण,भविष्य का निर्माण,अपने अस्तित्व के प्रति सजगता,परम पुरुषार्थ,सूर्य-सा तेज,प्रज्ज्वलित अग्नि,उमड़ता सागर,विद्युत की चमक,प्रचंड हुंकार,तीर व तलवार की धमक,प्रखर जागरण,देवों की विजय व असुरों की पराजय का शंखनाद, अपनी मिट्टी,अपनी नदियाँ, अपने पर्वत,अपनी आस्थाएँ,जीवन के प्रति अनुराग,कर्मयोग,संघर्ष,अंधकार से युद्ध और अप्रतिहत प्रेरणा होना चाहिए।इस कविता संग्रह में पाठक को यह सब प्राप्त होगा।
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