Dr. Sheo Gopal Mishra
Description
फारसी लोककथा के अनुसार पृथ्वी की आयु 12;000 वर्ष; बैबीलोन ज्योतिषियों के अनुसार 20 लाख वर्ष; बाइबल के अनुसार 6;000 वर्ष बताई गई है । आर्क बिशप उशर का
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मत था कि पृथ्वी का जन्म 4004 ई. पू प्रात: 9.00 बजे हुआ! आधुनिक अनुसंधानों से सिद्ध हो चुका है कि हमारे ग्रह पृथ्वी की आयु 40;000 लाख वर्ष है ।
पृथ्वी को प्रारंभिक दिनों में अपनी धुरी पर चक्कर लगाने में केवल 4 घंटे लगते थे; यानि कि उस समय 2 घंटे का दिन तथा 2 घंटे की रात होती थी! धीरे- धीरे पृथ्वी का परिभ्रमण धीमा पड़ता जा रहा है । अब पृथ्वी को अपनी धुरी पर घूमने में 24 घंटे का समय लगता है; लेकिन एक समय ऐसा होगा जब 1 ;200 घंटे का दिन होगा!
तो क्या एक समय ऐसा भी आएगा जब पृथ्वी घूमना बंद कर देगी और पृथ्वी के आधे हिस्से में दिन तथा आधे में सदैव रात ही रहेगी?
परंतु पृथ्वी पर आज भी एक स्थान ऐसा है जहाँ कम-से-कम एक दिन अंधकार (रात) नहीं रहता!
वैज्ञानिकों का मानना है कि एक समय चंद्रमा अपनी कील पर घूमना बंद कर देगा । उस स्थिति में समुद्र में ज्वार उठने बंद हो जाएँगे! यह तो आप जानते हैं कि समुद्र में ज्वार- भाटे आते हैं; पर शायद आपको यह न ज्ञात हो कि पृथ्वी में भी इस प्रकार के ज्वार उत्पन्न होते हैं!
पृथ्वी की ऐसी ही रोचक तथा वैज्ञानिक जानकारी के लिए प्रस्तुत है पुस्तक ' पृथ्वी की रोचक बातें ' ।Prithvi Ki Rochak Baaten by Dr. Sheo Gopal Mishra: "Prithvi Ki Rochak Baaten" is likely a book that explores fascinating facts and trivia about the Earth, its geography, and natural phenomena.
Key Aspects of the Book "Prithvi Ki Rochak Baaten":
Geographical Wonders: The book may cover unique and intriguing geographical features and phenomena on Earth.
Natural Phenomena: It might delve into natural occurrences like earthquakes, volcanoes, and weather patterns.
Environmental Insights: "Prithvi Ki Rochak Baaten" could offer insights into environmental science and conservation efforts related to the planet.
The author, Dr. Sheo Gopal Mishra, is likely a scholar or expert in geography and Earth sciences, providing readers with interesting and educational content about the planet.
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