Rangeya Raghav
Description
रांगेय राघव के कहानी-लेखन का मुख्य दौर भारतीय इतिहास की दृष्टि से प्त हलचल-भरा विरल कालखंड है, कम मौकों पर भारतीय जनता ने इतने स्वप्न और दुःस्वप्न एक
...
साथ देखे थे-आशा और हताशा ऐसे अड़ोस-पड़ोस में खड़ी देखी थी । और रांगेय राघव की कहानियों की विशेषता यह है कि उस पूरे समय की शायद ही कोई घटना हो जिसकी गूँजे-अनुगूंजें उनमें न सुनी जा सकें । सच तो यह है कि रांगेय राघव ने हिन्दी कहानी को भारतीय समाज के उन धूल-काँटों भरे रास्तों, आवारे-खफंडरों-चरजीवियों की फक्कड़ जिन्दगी, भारतीय गाँवों की कच्ची और कीचड़-भरी पगडंडियों की गश्त करवाई, जिनसे वह भले ही अब तक पूर्णत: अपरिचित न रही हो पर इस तरह हिली-मिली भी नहीं थी; और इन 'दुनियाओं' में से जीवन से लबलबाते ऐसे-ऐसे कद्दावर चरित्र प्रकट किए जिन्हें हम विस्मृत नहीं कर सकेंगे । 'गदल' को क्या कोई भूल सकता है!
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Genres
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Subjects
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Sep, 2007
ISBN
ISBN-13: 9788126700479
ISBN-10: 8126700475
Language
Hindi
No. of Pages
154
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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