Mohan Rakesh
Description
मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं ! इस संकलन में उनकी प्राय सभी प्रतिनिधि कहानियां संग्रहीत हैं, जिनमें
...
आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर हुआ है ! राकेश मुख्यतः आधुनिक शहरी जीवन के कथाकार हैं, लेकिन उनकी संवेदना का दायरा मध्यवर्ग तक ही सिमित नहीं है ! निम्नवर्ग भी पूरी जीवन्तता के साथ उनकी कहानियों में मौजूद है ! इनके कथा-चरित्रों का अकेलापन सामाजिक संदर्भो की उपज है ! वे अपनी जीवनगत जददोजहद में स्वतंत्र होकर भी सुखी नहीं हो पते, लेकिन जीवन से पलायन उन्हें स्वीकार नहीं ! वे जीवन-संघर्ष की निरंतरता में विश्वास रखते हैं ! पत्रों की इस संघर्ष शीलता में ही लेखक की रचनात्मक संवेदना आश्चर्यजनक रूप से मुखर हो उठती है ! हम अनायास ही प्रसगानुकुल कथा-शिल्प का स्पर्श अनुभव करने लगते हैं, जो कि अपनी व्यंगात्मक सांकेतिकता और भावाकुल नाटकीयता से हमें प्रभावित करता है ! इसके साथ ही लेखक की भाषा भी जैसे बोलने लगती है और अपने कथा-परिवेश को उसकी समग्रता में धारण कर हमारे भीतर उतर जाती है !
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Jan, 2003
ISBN
ISBN-13: 9788126707850
ISBN-10: 8126707852
Language
Hindi
No. of Pages
143
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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