Paliwal, Sanjeev
Description
जाने-माने कवि, विचारक और पेंटर गजानन स्वामी नहीं रहे।
दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित एक सोसाइटी में उनका क़त्ल होता है। कौन कर गया एक बुज़ुर्ग का क़त्ल?
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क़ातिल का क्या मक़सद था? और आख़िर क्यों क़त्ल के बाद क़ातिल दीवार पर ख़ून से बड़े-बड़े अक्षरों में लिख गया—‘पिशाच’?
क्या संदेश छिपा है इसमें?
उनकी हैरतअंगेज़ हत्या की ख़बर पूरे देश में आग की तरह फैल गयी। पुलिस अभी इसी गुत्थी को सुलझाने में मशक्कत कर रही थी कि सिलसिलेवार तरीक़े से कुछ और मशहूर लोगों का क़त्ल हो जाता है।
कौन है रहस्यमयी क़ातिल?
पहले उपन्यास नैना की अपार सफलता के बाद लेखक संजीव पालीवाल लौट रहे हैं एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला क्राइम थ्रिलर लेकर।
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