Phanishwarnath Renu
Description
इस उपन्यास को पढ़ते हुए प्रत्येक संवेदनशील पाठक स्पन्दनीय ज़िन्दगी के सप्राण पन्नों को उलटता हुआ-सा अनुभव करेगा। सहृदयता के सहज-संचित कोष के रस से सरा
...
बोर प्रत्येक शब्द, हर गीत की आधी-पूरी कड़ी ने मानव-मन के अन्तरतम को प्रत्यक्ष और सजीव कर दिया है। दो पीढ़ियों के जीवन के विस्तृत चित्रपट पर अनगिनत महीन और लयपूर्ण रेखाओंकी सहायता से चतुर कथाशिल्पी ने एक अमित कथाचित्र का प्रणयन किया है। इस महाकाव्यात्मक उपन्यास को पढ़कर समाप्त करने तक पाठक अनेक चरित्रों, घटना-प्रसंगों, संवादों और वर्णन-शैली के चमत्कारों से इतना सामीप्य अनुभव करने लगेंगे कि उनसे बिछुड़ना एक बार उनके हृदय में अवश्य कसक पैदा करके रहेगा।
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Genres
No genres specified
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Subjects
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Jan, 2009
ISBN
ISBN-13: 9788126713240
ISBN-10: 8126713240
Language
Hindi
No. of Pages
378
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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