Premacanda
Description
अद्भुत कथाशिल्पी प्रेमचंद की कृति 'निर्मला' दहेज प्रथा की पृष्ठभूमि में भारतीय नारी की विवशताओं का चित्रण करने वाला एक सशक्त उपन्यास है। यह उपन्यास नव
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म्बर, 1925 से नवम्बर, 1926 तक धारावाहिक रूप में प्रकाशित हुआ, किन्तु यह इतना यथार्थवादी है कि 60 वर्षों के उपरांत भी समाज की कुरीतियों का आज भी उतना ही सटीक एवं मार्मिक चित्र प्रस्तुत करता है।
'निर्मला' एक ऐसी अबला की कहानी है जिसने अपने भावी जीवन के सपनों को अल्हड़ कल्पनाओं में संजोया किन्तु दुर्भाग्य से उन्हें साकार नहीं होने दिया। निर्मला की शादी से पहले उसके पिता की मृत्यु हो जाती है। यह मृत्यु लड़के वालों को यह विश्वास दिला देती है कि अब उतना दहेज नहीं मिलेगा जितने की उन्हें अपेक्षा थी... आखिर निर्मला का विवाह एक अधेड़ अवस्था के विधुर से होता है।
इस उपन्यास की एक अनन्य विशेषता-करुणा प्रधान चित्रण में कथानक अन्य रसों से भी सराबोर है।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Women
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Repro India Limited
Month-Year
May, 2023
ISBN
ISBN-13: 9789351651062
ISBN-10: 9351651061
Language
Gujarati
No. of Pages
162
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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