Gautam Rajrishi
Description
भारतीय साहित्य की ग़ज़ल, कविता एवं शायरी विधा में गौतम राजऋषि की इस पुस्तक ने एक अजब ही हलचल पैदा किया है! ‘आज तक’ द्वारा 2020 की हिंदी में प्रकाशित उत्
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कृष्ट पुस्तकों की सूचि में सम्मिलित होने से गौतम को एक प्रख्यात एवं प्रतिष्ठित शायर एवं कवि बनाने तक का श्रेय, कहीं न कहीं, कुछ न कुछ, इस पुस्तक को अवश्य जाता है! नीला-नीला में गौतम ने मुहब्बत के अनगिनत रंग उड़ेले हैं – जिसके नीले-नीले अशआर कहानियाँ सुनाते हैं…बूढ़े चिनार के पेड़ों की, चाँदी सी चमकती बर्फ़ीली वादियों की, महबूब की याद में दोहरे हो चुके दिसम्बर की और हर उस शय की जहाँ इश्क़ थोड़ा सा ठहरकर ग़ज़ल में घुल जाता है।
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