Saadat Hasan Manto
Description
सआदत हसन मंटो हिंदी और उर्दू के मोपांसा (मशहूर फ्रेंच साहित्यकार) हैं। उसी तरह सच-गुसार, उसी तरह की सच-बयानी और उसी तरह से बदनाम भी। वे जानते थे कि शा
...
यद नेकनामी की तरफ जाने वाले रास्ते की पहली सीढ़ी बदनामी ही है। उनके प्रिय दोस्त और शायर साहिर लुधियानवी के शब्दों में कहें तो मंटो यह मानते थे - 'बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं हूँ मैं।'
इस किताब में आपको उनकी कुछ प्रतिनिधि कहानियाँ पढ़नें को मिलेंगी। इन कहानियों को पढ़ते वक्त आपको महसूस हो सकता है कि समाज में आमतौर पर जिन चीजों के बारे में लोग बात करने से भी कतराते हैं, उनपर मंटो बेबाकी से अपनी कहानियों में बात करते हैं। उम्मीद है, इस किताब में प्रस्तुत कहानियाँ पाठकों को पसंद आएँगी।
Read more
Genres
Literary Fiction
Tags
Literature & Fiction
Arborist Merchandising Root
Self Service
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhakar Prakashan Private Limited
Month-Year
Mar, 2021
ISBN
ISBN-13: 9788194926108
ISBN-10: 8194926106
Language
Hindi
No. of Pages
112
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?