Praveen Gugnani
Description
<b>नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व नहीं; अपितु उनके दिल्ली के सेवाकाल के दूसरे व तीसरे वर्ष पर केंद्रित इस पुस्तक में स्वाभाविक ही नरेंद्र मोदी सरकार
...
के कार्यकलापों की चर्चा की गई है। ऐसा नहीं है कि भारत में यह प्रथम सत्ता-परिवर्तन है; सत्ता-परिवर्तन मोरारजी भाई देसाई; वी.पी. सिंह; देवेगौड़ा; गुजराल के समय भी हुआ; किंतु उस समय भिन्न-भिन्न कारणों से शासन का दृष्टिकोण पूर्ववत् ही रहा। अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी सत्ता का दृष्टिकोण नहीं बदल पाया; क्योंकि अटलजी की सरकार एक अल्पमत व विभिन्न विचारों से बनी पार्टियों की बैसाखी पर चल रही थी; अतः इस सरकार का शीर्ष व शेष आकार कुछ जुदा-जुदा सा था। अब नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ व उन्हें सहयोगी दल की बैसाखियों की भी आवश्यकता नहीं रही; अतः यह समय भारत में केवल सत्ता-परिवर्तन का नहीं; अपितु वैचारिक आधार के बदलाव का समय है। एक सरकार के नाते नमो सरकार ने शासन-प्रशासन; जीवन के हर क्षेत्र में क्या कुछ किया है; उसका स्वस्थ विश्लेषण इस पुस्तक में है; जो पाठकों को सरकार की नीतियों और कार्यों से परिचित कराएगी।</b>
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Genres
Biography & Memoir
Tags
Political
Biography & Autobiography
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789352663248
ISBN-10: 9352663241
Language
Hindi
No. of Pages
120
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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