Premchand
Description
मुंशी प्रेमचन्द की गिनती हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ कहानी-लेखकों में की जाती है । 1880 में उनका जन्म वाराणसी के एक छोटे से गांव लमही में एक साधारण परिवार म
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ें हुआ था। उनका घर का नाम धनपतराय था। स्कूल में अध्यापन का कार्य करते हुए उन्होंने कहानियां और उपन्यास लिखने शुरू किये। उन्होंने सैकडों कहानियों और एक दर्जन के लगभग उपन्यास लिखे जिनमें से गोदान, गबन, सेवासदन, रंगभूमि, कायाकल्प और निर्मला बहुत प्रसिद्ध हैँ। 1936 में उनका देहान्त हुआ। उनकी चुनी हुई रोचक, सरल कहानियां चित्रों सहित प्रकाशित की गई हैं।
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