D.C. Ojha
Description
राजस्थानी कहावतें हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। अन्य भाषाओं के प्रचार-प्रसार एवं उनके दुष्प्रभाव से ये प्रायः लुप्त हो रही है। मायड़ भाषा से मोह रखने वाले
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अनेक साहित्यकारों ने समय-समय पर अपने-अपने मतानुसार इनके संकलन का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है। कहावतें कालजयी होती है, और उनका सीधा सम्बन्ध हमारे पूर्वजों के द्वारा अर्जित अनुभव से होता है। एक ओर जहां इन कहावतों की प्रयोगशाला परिवार, समाज व राष्ट्र होता है तो वहीं इनका प्रयोग भी ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति मनुष्य पर ही होता है। प्रस्तुत पुस्तक में वर्णित राजस्थानी कहावतों का एक-एक शब्द कील की तरह नुकीला और सीधा प्रभाव करने वाला है। प्रत्येक कहावत में अनुभव की प्रामाणिकता सिद्ध होती है और हर कहावत जीवन की जटिल से जटिल समस्या का सहज समाधान ढूंढ जीवन को सरल एवं सुखमय बनाने में सक्षम है। गद्यात्मक कहावतों के बाद पद्यात्मक कहावतें दी गई है। अधिकांश पद्यात्मक कहावतें तुकान्त होने एवं उनके साथ कहानी होने से इनका प्रभाव और अधिक बढ़ गया है। प्रस्तुत ग्रंथ प्रत्येक प्रकार के पुस्तकालय, भाषा-विज्ञान के विद्वानों, शिक्षकों, छात्रों एवं आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं संग्रहणीय ग्रंथ है।
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