Peeru das
Description
मेरी मुस्कान, मेरे जीवन का एक हिस्सा, जो मुझे मेरे जहन से अवगत करवाता हैl ये कहानी उन हजारो लोगो के जीवन का हिस्सा है जो चाहते - न - चाहते हुऐ भी एक -
...
दूसरे से किसी - न - किसी रिश्ते से बंधे हैंl मै शुक्रगुजार हूं इन पलो का जिन्होने मेरी सोच से इस कहानी की रूप रेखा को निरूपित करने का सोभाग्य मुझे प्रदान किया । मेरी इस पुस्तक मे प्रेम है, दो लोगो का मिलन है, उनका बिछड़ना है, जिसे आज भी समाज कुछ अलग ही निगाहों से देखता है। लेकिन हम आज मानव जाति के किसी भी रिश्ते से जुड़े हो, जुड़े तो सिर्फ प्रेम से, अनंत प्रेम से, जिसका होना, हम लोगो मे सजीवता की निशानी है।
Read more