Surendra Pal Sharma
Description
लड़का या लड़की पैदा होना मनुष्य के बस में नहीं-यह तो मात्र ईश्वर की कृपा पर निर्भर है। यदि अपनी इच्छा के अनुसार ही सबको इच्छित संतान की प्राप्ति हो जा
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ती तो मनुष्य ईश्वर ही बन जाता। परंतु ईश्वर का स्थान ईश्वर स्वयं ही ले सकता है, मनुष्य उसका विकल्प कभी नहीं हो सकता, मनुष्य तो ईश्वर का अंश है, और अंश कभी संपूर्ण नहीं हो सकता। अतः सन्तानोत्पत्ति में बाधक कारणों को दूर करें, ईमानदारी से इस दिशा में प्रयत्नशील हों और ईश्वर की न्यायप्रियता पर विश्वास रखते हुए इच्छित संतान की कामना करें। इसके बाद आपको जो भी प्राप्त हो उसे सहर्ष स्वीकार करते हुए, अपने भाग्य को सराहते हुए, जगत-नियंता के प्रति आभार प्रकट करें। उसकी कृपा बनी रही तो आपकी इच्छापूर्ति अवश्य होगी-भले ही परिणाम कुछ देर से प्राप्त हो। उसके न्याय में देर है, अंधेरे नहीं।इस पुस्तक में हमने यही प्रयत्न किया है कि दम्पत्ति को आवश्यक तथ्यों का ज्ञान कराया जाय, बाधाओं को निरस्त करने के संभावित उपाय बताए जाएं, उन्हें अपने को और अपने शरीर की प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया जाय ताकि बाधाओं का क्रम समाप्त हो।
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