Alok Kumar
Description
बिहुला विषहरी महागाथा जो नारी शक्ति की आधार बिंदु महासती बिहुला को समर्पित है। यह पावन कथा शिव की मानस कन्या मनसा का तप, शिवभक्त चंद्रधर का हठ, सोनिका
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का धैर्य, बिहुला का सतीत्व, नेतुला की साधना से गुजरते हुए देवशक्ति पर मानव शक्ति की विजय गाथा है।
चंपा विश्व का पहला नगर,व्यापार का प्रमुख केंद्र अंग की राजधानी चंपा प्राचीन छह पुरियों में एक चम्पापुरी! चंपा नदी, गंगा नदी के रास्ते समुद्र द्वारा दुनियां के विभिन्न देशों से व्यापार का साक्षी यह महागाथा जो चंपा की आत्मा के रूप में जनमानस में जीवंत है।
प्राचीन काल के प्रख्यात रेशमी वस्त्र के व्यापारी चांदो सौदागर जिसने मनसा की पूजा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की। चंद्रधर की पुत्र वधू बिहुला जिसने सती धर्म का एक नया अध्याय रच दिया, मंजूषा पर अपने पति के शव और नाग मनियार के साथ जलमार्ग से देवलोक को चुनौती देने निकल पड़ी, जिसे मंजूषा चित्र कला की जननी कहा जाता है।
इस पुस्तक में सरल शब्दों में सटीक बातें कही गई है जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण और बहुपयोगी है।
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