N. Raghuraman, Pt. Vijayshankar Mehta
Description
प्रबंधन के इस युग में सफलता प्राप्त करने के कुछ पारंपरिक तरीके हैं तो कुछ करते-करते सीख जाने वाले मौलिक सूत्र भी । लेकिन यह तय है कि योग्य और श्रेष्ठ
...
प्रबंधन के द्वार पर दस्तक देने के लिए सफलता मजबूर होती है । आधुनिक समझ और साहित्य में प्रबंधन के जितने सूत्र सिमटे है उतने ही संकेत हमारे प्राचीन आध्यात्मिक ग्रंथो में भी वर्णित हैं । हमारे प्राचीन ग्रन्थ इस मामले में समग्र हैं कि उनमे सुख-शांति और विजय प्राप्त करने का वर्णन प्रबंधकीय रीति-नीति से किया गया है । इस पुस्तक में हमारा पहला प्रयास यह है कि सांसारिक प्रगति और आध्यात्मिक रुझान के विरोधाभास को मिटाया जाए । जीवन के हर क्षेत्र में प्रबंधन से प्राप्त की जा रही सफलता के लिए जो समझ होती है उसके व्यावहारिक दृष्टि के इक्यावन उदहारण इस पुस्तक में हैं । ठीक इन उदाहरणों के सामने वाले पृष्ठ पर व्यावहारिक दृष्टिकोण से मिलते हुए आध्यात्मिक सोच के प्रसंग दिए गए हैं ।
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Genres
No genres specified
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Subjects
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Radhakrishna Prakashan
Month-Year
Sep, 2007
ISBN
ISBN-13: 9788183610919
ISBN-10: 8183610919
Language
Hindi
No. of Pages
118
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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