Punit Kumar Mishra
Description
पुनीत मिश्रा द्वारा लिखित कविता संग्रह “मन की परछाई” वास्तव में मन में उत्पन्न हुए विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं का कागज पर शब्दों में उतारा हुआ एक प्
...
रतिबिंब है, एक परछाईं है। एक बीज की भाँति एक रुचि ने मन की मिट्टी में बस कर, वर्षों के अनुभवों से सिंचकर अब इस कविता संग्रह का रूप लिया है। “मन की परछाई” में हिंदी कविताओं,गज़लों और नज्मों के माध्यम से कवि अपने पाठकों का उनके अपने अंतस के उन पहलुओं के साथ साक्षात्कार कराना चाहता है जो बड़े समय से उपेक्षित है या शायद जो कभी शब्दों में अभिव्यक्त नहीं हो पाए। ये रचनाएँ संशय, विरोध, क्रोध, संघर्ष, प्रेम, विरह, वेदना, सम्मान, विश्वास, ठहराव इत्यादि मन:स्थितियों के इर्द गिर्द बहती है और संभवत: यही इनका आकर्षण है
Read more